कोरोना के प्रभाव व इससे सुरक्षा के लिए इस बार चैत्र नवरात्र पर्व में दंतेश्वरी मंदिर में ज्योत नहीं जलाई जाएगी। पहली बार ऐसा होगा जब मन्दिर में चैत्र नवरात्र में ज्योति प्रज्वलित नहीं होगी। कोरोना प्रभाव के कारण मन्दिर भी बन्द किए गए हैं। हालांकि पूरे 9 दिनों तक परम्परानुसार पूजा पाठ मन्दिर के पुजारी ही करेंगे। ज्योत प्रज्वलन के लिए काटी गई सभी 2200 रसीदों की ज्योति कलश आगामी नवरात्र में प्रज्ज्वलित की जाएगी।
मन्दिर प्रबंधन ने कहा कि इस बार नवरात्र पर्व पर करीब 350 लोगों ने घी और करीब 1700 लोगों ने तेल के ज्योत प्रज्वलन के लिए रसीद कटवाई है। अब इतनी संख्या में ज्योति जलाने की बजाए एक घी व एक तेल की ज्योति जलाने का निर्णय लिया गया है। ज्योति की रसीद नवरात्र के पहले दिन तक मन्दिर समिति द्वारा काटी जाती है। हर बार के मुकाबले इस बार रसीद भी कम ही कटवाई गई है। दंतेश्वरी मन्दिर के पुजारी जिया महाराज ने सूचना भी जारी कर दी है। सूचना के ज़रिए कहा गया है कि सुरक्षा व स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मन्दिर प्रबंधन द्वारा आगामी आदेश तक मंदिर बन्द रखने का निर्णय लिया गया है। ज्योत प्रज्वलन के लिए काटी गई सभी रसीदों की ज्योति कलश आगामी नवरात्र में प्रज्वलित की जाएगी। इस नवरात्र में सभी की खुशहाली व स्वास्थ्य के लिए तेल व घी की एक-एक ज्योति प्रज्वलित की जाएगी।
केवल पुजारी ही माता की पूजा करेंगे
चैत्र-नवरात्र पर मां वैष्णव देवी मंदिर, से. 4 में ज्योति कलश प्रज्जवलित नहीं किए जाएंगे। मंदिर में मात्र 2 ज्योत माता के समक्ष प्रज्ज्वलित की जाएगी। इसकी पूजा मंदिर के पंडित करेंगे। नवरात्र के सभी कार्यक्रम निरस्त किए गए हैं। निर्णय गुजराती समाज मंदिर समिति ने लिया।